नीम की पत्तियों के 10 अद्भुत और चमत्कारिक फायदे और उपयोग

सुबह खाली पेट नीम की पत्ती खाने के फायदे और नुकसान


अगर आप खाली पेट नीम की पत्तियों का सेवन करते हैं तो या फिर इन्हें पानी में उबाल कर नमक के साथ खाते हैं तो आपको अपने शरीर से इन बीमारियों को दूर करने में मदद मिल सकती है।


अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक साधनों का उपयोग करके अपनी और अपने परिवार की देखभाल करना आज कई लोगों का लक्ष्य बन चुका है। दुनिया भर में लाखों करोड़ों ऐसे पेड़ और पौधे हैं जो केवल भोजन ही नहीं देते बल्कि इन्हे दवा के रूप में भी प्रयोग होते हैं। ऐसे ही पेड़ – पोधों में से एक है नीम का पेड़। मानव जीवन के सभी पहलुओं को बनाए रखने में मदद करने के लिए काफी सही प्राकृतिक जड़ी बूटी हो सकता है। ये एक बहुत ही अनोखा पेड़ है और इसकी पत्तियाँ पृथ्वी पर पाए जाने वाली सबसे जटिल पत्तियों में से एक हैं। इसमें में 130 से भी अधिक विभिन्न जैविक रूप से सक्रिय यौगिक होते हैं जो इसको बिभिन्न बीमारियों की दवा बनाता है। आइये जानते हैं नीम के क्या फायदे (Neem Ke Fayde in Hindi) होते हैं और इसकी पत्तियों के फायदे (Neem Ke Patte Ke Fayde) किस प्रकार उठा सकते हैं।



नीम के पेड़ (Neem Ka Ped) से शायद ही कोई अपरिचित हो। नीम को उसके कड़वेपन के कारण जाना जाता है। सभी लोगों को पता होगा कि कड़वा होने के बाद भी नीम स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक लाभदायक होता है, लेकिन नीम के फायदे क्या-क्या हैं या नीम का उपय़ोग किन-किन रोगों में कर सकते हैं, इस बात की पूरी जानकारी आपको नहीं होगी। नीम के गुणों के कारण इसे धरती का कल्प वृक्ष भी कहा जाता है। आमतौर पर लोग नीम का प्रयोग घाव, चर्म रोग में फायदा लेने के लिए करते हैं लेकिन सच यह है नीम के फायदे (benefits of neem tree in hindi) अन्य कई रोगों में भी मिलते है
नीम के पत्ते का काढ़ा घावों को धोने में कार्बोलिक साबुन से भी अधिक उपयोगी है। कुष्ठ आदि चर्म रोगों पर भी नीम बहुत लाभदायक है। इसके रेशे-रेशे में खून को साफ करने के गुण भरे पड़े हैं। नीम का तेल टीबी या क्षय रोग को जन्म देने वाले जीवाणु की तीन जातियों का नाश करने वाले गुणों से युक्त पाया गया है। नीम की पत्तियों (Benefits of Neem Leaves In Hindi) का गाढ़ा लेप कैंसर की बढ़ाने वाली कोशिकाओं की बढ़ने की क्षमता को कम करता है। आइए जानते हैं कि आप किन-किन रोगों में नीम का उपयोग कर सकते है और नीम के नुकसान (neem ke nuksan) क्या होते हैं।


1-ब्लड शुगर करे कंट्रोल
खराब जीवनशैली के कारण भारत में लगातार डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि लोग अभी भी घरेलू नुस्खों पर विश्वास करते हैं। इन्हीं घरेलू नुस्खों में से एक है नीम के पत्तों को सुबह खाली पेट चबाना। ऐसा करने से ब्लड शुगर को कंट्रोलकरने में मदद तो मिलेगी ही साथ ही आपका खून भी साफ होगा। एक्सपर्ट बताते हैं कि नीम के पत्तों में azadirachtolide नाम का तत्व होता है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में प्रभावी होता है।



2-कई संक्रमण को रखता है दूर

जी हां, नीम का उपयोग एक एंटी बायोटिक के रूप में भी किया जाता है, जो सामान्य प्रकार के संक्रमण को रोकने में उपयुक्त होता है। सुबह नियमित रूप से नीम की पत्तियां चबाने पर आपको मूत्रमार्ग और आंखों के संक्रमण में काफी फायदा मिलता है। इतना ही नहीं नीम पित्त और कफ को कम करने का भी काम करता है। नीम की ब्लड प्यूरीफायर, एंटी बैक्टीरियल, एंटी ऑक्सीडेंट खूबियां इसे एक्जिमा, सोरायसिस जैसे अनेक त्वचा विकारों में फायदेमंद बनाती है।

3-. एंटीबैक्टीरियल गुण 
इंफेक्शन का खतरा किसी को भी हो सकता है और इसके पीछे का एक कारण  नजर न आने वाले छोटे-छोटे बैक्टीरिया भी होते हैं। खासकर, बरसात के दिनों में यह समस्या और बढ़ सकती है। ऐसे में नीम का उपयोग इससे बचाव में मदद कर सकता है। दरअसल, रिसर्च के मुताबिक, नीम एंटी बैक्टीरियल गुणों से समृद्ध होता है। इस अध्ययन से यह बात सामने आई है कि नीम पैथोजेनिक बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण के उपचार के लिए एक प्रभावी एंटीबैक्टीरियल एजेंट के रूप में काम कर सकता है (2)। वहीं, नीम की पत्तियों में मौजूद क्वेरसेटिन (Quercetin) और बी-साइटोस्टरोल (ß-sitosterol) पॉलीफेनोलिक फ्लेवोनोइड में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों की पुष्टि हुई है (3)। ऐसे में बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव के लिए नीम का उपयोग लाभकारी हो सकता है।

4- रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए 
उच्च रक्तचाप की समस्या से बचाव या उसे नियंत्रित करने में भी नीम के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, नीम में ब्लड प्रेशर के स्तर को कम करने के गुण मौजूद हैं (4)। वहीं, एनसीबीआई (NCBI-नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, नीम के मेथनॉल-अर्क में मौजूद पॉलीफेनोल में एंटी हाइपरटेंसिव गुण यानी उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के गुण की पुष्टि हुई है (5)। ऐसे में उच्च रक्तचाप की समस्या से बचाव या उसे नियंत्रित करने के लिए नीम का उपयोग लाभकारी हो सकता है। हालांकि, अगर कोई हाई बीपी की दवा का सेवन कर रहा है, तो नीम के सेवन से पहले एक बार डॉक्टरी परामर्श भी जरूर लें।

5-. अल्सर के लिए नीम का उपयोग 
एक शोध के अनुसार, नीम के छाल का अर्क गैस्ट्रिक हाइपरएसिडिटी (गैस्ट्रिक एसिड का अधिक उत्पादन) और अल्सर पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है। नीम के छाल का अर्क औषधि की तरह काम कर सकता है (8)। वहीं, एनसीबीआई के एक शोध में नीम में एंटीअल्सर गुण होने का जिक्र किया गया है(9) । इस आधार पर कहा जा सकता है कि नीम का एंटीअल्सर गुण अल्सर से बचाव में एक सहायक भूमिका निभा सकता है। वहीं, अगर किसी को अल्सर की समस्या है, तो बेहतर है व्यक्ति पहले डॉक्टरी परामर्श के अनुसार इलाज कराएं। साथ ही डॉक्टरी सलाह से ही नीम या नीम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

6-पाचन के लिए फायदेमंद

पाचन के लिए सुबह खाली पेट नीम के पत्तों का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि सुबह खाली पेट नीम के पत्तों को खाने से पाचन अच्छा रहता है, जिससे पेट साफ होता है और कब्ज की समस्या नहीं होती। साथ ही नीम की तासीर ठंडी होती है और इसलिए यह पेट में एसिडिटी, सीने में जलन और पाचन से जुड़ी कई और समस्याओं को भी दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा नीम की पत्तियां पाचन तंत्र में मौजूद हानिकारक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर पेट से जुड़ी बीमारियां होने से रोकने में मदद करती हैं।


7-लिवर और दिल को रखे स्वस्थ: 

यह लिवर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है। साथ खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने और अच्छा कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में बहुत प्रभावी है। यह हाई बीपी को कंट्रोल करने में भी मददगार है। जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और फेलियर का जोखिम कम होता है।


8-बालों का झड़ना रोके:

 नीम के पत्ते उबालकर पीने से बालों की कई समस्याएं दूर होती हैं। यह बालों का झड़ना रोकने, डैंड्रफ, सफेद बाल और एलर्जी आदि दूर करने के लिए एक प्रभावी उपाय है। यह आपको घने, मजबूत, लंबे और शाइनी बाल पाने में मदद करता है।

सावधानी

नीम का सेवन निम्नलिखित कंडीशन्‍स में नहीं करना चाहिए:

•प्रेग्‍नेंट महिलाएं, शिशु या बच्चे
 •कोई भी गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहा है- पुरुष या महिला।
•नीम का आंतरिक रूप से उपयोग करने से पहले कृपया किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें।

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