एलोवेरा के फायदे, नुकसान व औषधीय गुण
एलोवेरा के फायदे, नुकसान व औषधीय गुण
Health Tips: एलोवेरा का नाम तो आपने सुना ही होगा. यह हेल्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है. स्किन से जुड़ी किसी भी समस्या को यह खत्म कर सकता है. आइए जानते हैं एलोवेरा के औषधीय गुण, जो फायदेमंद हैं
एलोवेरा भले ही एक छोटा-सा पौधा है, लेकिन इसके गुण जगजाहिर हैं। इसके अनगिनत फायदों के कारण ही इसे लगभग हर घर में इस्तेमाल किया जाता है। एलोवेरा के फायदे अनेक हैं, चाहे वो स्वास्थ्य के लिए हों, त्वचा के लिए हों या बालों के लिए। घृतकुमारी के लाभ की लिस्ट लंबी है और इनके बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी मिले, इसी वजह से स्टाइलक्रेज के इस लेख का विषय घृतकुमारी को चुना गया है। इसे घृतकुमारी आसव भी कहते हैं। इस लेख में हम एलोवेरा के फायदे और नुकसान से जुड़ी सारी जानकारियों से अपने पाठकों को अवगत कराएंगे। हालांकि, तमाम गुणों के बावजूद एलोवेरा कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं है। इसे सिर्फ घरेलू नुस्खे की तरह ही इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर कोई गंभीर रोग से पीड़ित है, तो उसे डॉक्टर से इलाज जरूर करवाना चाहिए।
•एलोवेरा के अंदर कौन-कौन से तत्व होते हैं?
•इसके क्या फायदे होते हैं?
•इसका उपयोग कैसे किया जाए? और
•एलोवेरा का नुकसान कब होता है?
आइए जानते हैं एलोवेरा में कौन-कौन से मुख्य तत्व पाए जाते हैं:
एलोवेरा में पाए जाने वाले मुख्य तत्व:
कैल्शियम
कॉपर
क्रोमियम
सोडियम
सेलेनियम
मैग्नीशियम
पोटेशियम
मैग्नीज
जिंक
विटामिन-B
विटामिन-C
विटामिन-A
विटामिन-B12
फॉलिक एसिड
एलोवेरा के लाभ - Aloe Vera Ke Fayde in Hindi
1- यदि इससे मूह के छल्लों पर दिन में कई बार लगाया जाए तो चिकित्सा प्रक्रिया को गति देने में मदद करता है।
2-तनाव कम कर देता है:
एलोवेरा को एक अनुकूलन माना जाता है। एलोवेरा का रस न केवल मानसिक तनाव से राहत देता है बल्कि शारीरिक तनाव से निपटने में भी मदद कर सकता है।
3-रक्त प्रवाह में सुधार:
एलोवेरा आपके केशिकालों के आकार को बढ़ाने में मदद कर सकता है जिससे आपके शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार हो सकता है।
4-झुर्रियों से मुक्त त्वचा के लिए:
इसमें त्वचा, शरीर और स्वास्थ्य के लिए बहुत से लाभ हैं। एक शानदार एंटी-बैक्टीरिया, अनुत्तेजक पौधे के रूप में काम करने के अलावा, यह झुर्रियों से छुटकारा पाने में भी मदद करता है। यह त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद करता है और त्वचा से मृत कोशिकाओं को हटाता है।
5-प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है:
एलोवेरा में मौजूद ब्रैडीक्नास प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता है और संक्रमण को मारता है। एलोवेरा में जस्ता भी शामिल है, इससे हमें रोगों को बंद करने, जीवाणुओं को मारने और हमारे सेल झिल्ली के कार्य की रक्षा करने में मदद मिलती है।
6-यह मधुमेह के इलाज में मदद करता है
एलोवेरा रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए जाना जाता है। इसमें ग्लूकोमान्स मौजूद हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को कम कर देता है।
7-कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है
एलोवेरा रस में बीटा सीटोस्टरोल नामक एक यौगिक होता है, जो शरीर में कोलेस्ट्रोल स्तर को कम करने में मदद करता है।
8-स्टेमिना बढ़ाता है
एलोवेरा पुरुषों की स्टेमिना बढ़ाने में मददगार है। दरअसल, एलोवेरा के एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन शरीर को एनर्जी देते हैं। ये जहां एनर्जी बूस्टर करके एक्सरसाइज और रनिंग स्टैमिना बढ़ाता है वहीं है टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को भी बढ़ाता है। इसके अलावा ये रेगुलर एलोवेरा का सेवन करने से या फिर एलोवेरा जूस पीने से पुरुषों की फर्टिलिटी भी बेहतर होती है और ये स्पर्म कांट बढ़ाने में भी मदद करता है। तो, दिन भर की थकान के बाद शरीर की स्टेमिना बरकरार रखने के लिए पुरुषों को एलोवेरा का सेवन जरूर करना चाहिए।
9-बैली फैट घटाता है
बैली फैट लगभग हर पुरुष की परेशानियों में से एक है। ऐसे में एलोवेरा बैली फैट कम करने में आपकी मदद कर सकता है। दरअसल, एलोवेरा जूस पीने से ये शरीर के टॉक्सिन को दूर करता है और मेटाबोलिज्म को तेज करता है। इससे बैली फैट घटाने में मद मिलती है। साथ ही इसे पीना इंटेंस एक्सरसाइज में भी मदद करता है, जिससे फैट पचाने में मदद मिलती है और बैली फैट कम होने लगता है।
एलोवेरा के नुकसान (Side Effects of Aloe Vera in hindi)
1-त्वचा में संक्रमण की समस्या, यदि आप एलोवेरा का इस्तेमाल बहुत ज्यादा मात्रा में कर रहे हैं, तो आपको इसका इस्तेमाल कम करना चाहिए, नहीं तो हो सकता है, आपकी त्वचा में रेसेज व खुजली जैसी समस्या हो।
2-एलोवेरा का रस पीने से एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है जैसे कि त्वचा के दाने या पित्ती, खुजली या सूजी हुई त्वचा, साँस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द और गले में जलन।
3-गर्भ और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अल्युवेरा जूस लेना सक्त मना है। यह गर्भवती महिलाओं में गर्भाशय के संकुचन को प्रोत्साहित कर सकता है, जिससे गर्भपात और जन्म दोष हो सकते हैं।
4-एलोवेरा का रस पीने से एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है जैसे कि त्वचा के दाने या पित्ती, खुजली या सूजी हुई त्वचा, साँस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द और गले में जलन।
5-चेहरे पर दाने की समस्या ,अक्सर लोग एलोवेरा के पत्तों को तोड़ने के बाद इसका जेल निकालकर चेहरे पर लगाते हैं। लेकिन एलोवेरा के पत्तों से जेल के साथ पीले रंग का एक पदार्थ भी निकलता है, जिसे एलो-लेटेक्स कहते हैं। यह एक जहरीला पदार्थ होता है और इससे त्वचा पर छोटे-छोटे दाने हो सकते हैं। ऐसे में, चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए। अगर आपके चेहरे पर पहले से ही पिंपल्स या दाने हैं, तो एलोवेरा का ज्यादा इस्तेमाल न करें।
6-एलर्जी और रैशेज ,कई लोगों को चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाने से एलर्जी की समस्या हो सकती है। दरअसल, एलोवेरा से निकलने वाला एलो-लेटेक्स पदार्थ त्वचा पर रैशेज और जलन का कारण बन सकता है। इसकी वजह से आपको त्वचा पर लाल चकत्ते के साथ खुजली की समस्या भी हो सकती है। अगर आपका स्किन टाइप सेंसिटिव है, तो चेहरे पर एलोवेरा लगाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
7-अगर लंबे समय तक इसका सेवन उच्च मात्रा में किया जाए, तो डायरिया, यूरिन में ब्लड आना, वजन कम होना व मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं.
एलोवेरा जूस का प्रयोग कैसे व कब करें
एलोवेरा जूस का सेवन अलग-अलग तरीके से और टेस्ट के मुताबिक किया जा सकता है, जैसे -
- एलोवेरा के थिक जेल को पानी में मिलाकर और छानकर ले सकते हैं.
- एलोवेरा जूस में शहद मिलाकर पिया जा सकता है.
- एलोवेरा जूस में खीरे का रस, स्वाद के मुताबिक नींबू का रस और कुछ बूंद अदरक के रस की मिक्स की जा सकती हैं.
- एलोवेरा को आंवले में मिलाकर भी पिया जा सकता है.
- इसका सेवन दिन में किसी समय भी किया जा सकता है, लेकिन सुबह के समय खाली पेट पीना ज्यादा फायदेमंद है. सेवन की मात्रा नियंत्रित होनी चाहिए यानी लगभग एक कप.